SEBI की बिशेष अदालत ने सहारा इंडिया के मालिक सुब्रत रॉय के खिलाफ जारी किया वारंट, sahara sebi case latest news

 

sahara sebi case latest news : सहारा इंडिया मामले में 25000 करोड को लेकर लगातार विवाद चल रहा है वही वही देश के सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह को 25 हजार करोड़ जमा कराने के आदेश दिए थे। जानकारी के अनुसार भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड की विशेष अदालत ने ₹25000 से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में अदालत पेश नहीं होने पर सहारा इंडिया के संस्थापक सुब्रत रॉय के खिलाफ जमानती वारंट जारी करा दिया है। जानकारी के अनुसार विशेष न्यायाधीश बीएस गायक सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड सहित सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड और अन्य के खिलाफ सेबी द्वारा 2014 में 1 मामले की सुनवाई चल रही थी वही कंपनी के मालिक सुब्रत रॉय एक आरोपी समेत अन्य लोगों को अदालत के सामने पेश होना था परंतु कोविड-19 संक्रमण के कारण वह पेश नहीं हो सके थे वही उनके वकीलों द्वारा यह बताया गया था कि वह मधुमेह के कारण वह पीड़ित थे और अस्पताल में भर्ती थे लेकिन लखनऊ द्वारा जारी एक चिकित्सा प्रमाण पत्र के आधार पर उनके वकील द्वारा अदालत में इस लेटर को प्रस्तुत किया गया था। 

सहारा इंडिया मामले में यह बोला सेबी  

सेबी के एक वकील ने बताया कि सुब्रत रॉय को पेश होने का आदेश दिया गया था परंतु सुब्रत राय सहारा की तरफ से बताया गया था कि वह कुछ बीमारियों से पीड़ित है। जिस कारण से वह कोर्ट में पेश नहीं हो सकते। जानकारी यह है की सेबी ने रॉय के कागजात का बिरोध किया है। वहीं 2017 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुब्रत रॉय  को यह निर्देश दिया था कि आप आवेदन के निपटारे के बाद सभी तारीखों पर निचली अदालत के सामने उपस्थित रहेंगे। जानकारी के अनुसार यह नोट किया गया ताकि  रोजनामा के अनुसार सुब्रत रॉय उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करेंगे वहीं 2019 में उन्हें पेश होना था परंतु वह पेश नहीं हुए थे। इसलिए छूट के लिए उनके आवेदन को भी खारिज कर दिया गया था। 

अब रेड हियरिंग में किया गया दावा

रेड ईयररिंग प्रोस्पेक्टर्स के अनुसार कंपनी ने किसी की भी मान्यता प्राप्त शेयरों में ऑफसीडी को सूचीभूत करने की योजना से नहीं किया गया था। सेबी की गणना के अनुसार सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड (SIRECL) को 2009 और 2011 के बीच में करीब 7500000 से अधिक निवेशकों का करीब 6,381 करोड रुपए प्राप्त हुआ था। दूसरी ओर सहारा इंडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड (SHICL) ने 2008 और 2011 के बीच में करीबन 19400 करोड रुपए प्राप्त किए थे। यानी कि सहारा इंडिया के पास में पैसे की मौजूदगी तो थी वही व्यवस्थाएं की कथित तौर पर सार्वजनिक पेशकश यानी की ऑफ़सीडी का उपयोग करते हुए उन्होंने एक निजी प्लेसमेंट के रूप में प्रश्न किए थे। सेबी ने दावा किया है कि उसने अपने रेड ईयररिंग प्रोस्पेक्टस का खुलासा करने में कंपनी की व्यवस्था के संबंध में सेबी को कई शिकायतें प्राप्त हुई थी। 

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