NEP 4 Year Graduation System : नई एजुकेशन पॉलिसी 2023 में क्या है 4 साल वाला ग्रेजुएशन सिस्टम, जाने सरकार के बड़े बदलाब

डेस्क रिपोर्ट, शिक्षा :  केंद्र सरकार द्वारा लाई गई नई शिक्षा नीति छात्रों को लाभान्वित करने हेतु जारी की गई है। जिसके माध्यम से पुरानी शिक्षा नीति को नई शिक्षा नीति से परिवर्तित करते हुए छात्रों को बड़ा लाभ पहुंचाने की तैयारी की गई थी जो अब कहीं ना कहीं पूर्ण होती हुई दिखाई दे रही है इसी के साथ छात्रों को 4 साल का ग्रेजुएशन भी देखने के लिए मिल रहा है। जहां पर अगर कोई छात्र अपने ग्रेजुएशन के साथ होनोर्स  करना चाहता है तो वह 4 साल के ग्रेजुएशन को चुन सकता है। 

मल्टीप्ल एंट्री और एग्जिट के साथ National Education Policy को भारत में लाया गया है वही अब छात्रों को कॉलेज या यूनिवर्सिटी के हिसाब से नहीं बल्कि अपने हिसाब से अपनी पढाई करनी होगी। इसका उदहारण आप इसी सोच से लगा सकते है की अगर आपके फर्स्ट ईयर के बाद आपको गैप चाहिए तो आप ले सकते है फिर भली आप अगले साल अपने सेकंड ईयर से कंटिन्यू कर सकते है। 

क्या है 4 साल वाला ग्रेजुएशन सिस्टम 

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत कई छात्रों को कई सवाल है परंतु कई लोगों को उनके उत्तर नहीं मिल पाए है। जहां पर सबसे बड़ा छात्रों का सवाल है कि 4 साल के ग्रेजुएशन प्रोसेस में किस प्रकार से हिस्सा लेना है और क्या बीच में इस 4 साल की ग्रेजुएशन को छोड़ सकते हैं। इसका उत्तर है की अगर आप केवल ग्रेजुएशन करना चाहते है तो आप अपने बीकॉम बीएससी बीए को 3 साल में छोड़ सकते है पर आप किसी सब्जेक्ट में होनोर्स करना चाहते है तो आप चार साल का ग्रेजुएशन सिस्टम अपना सकते है।  

4 साल ग्रेजुएशन के बाद पीजी 

आप अगर 4 साल को ग्रेजुएशन कर लेते हैं तो आपको 1 साल का ही पीजी कोर्स करना पड़ेगा। ऐसा नई शिक्षा नीति में साफ़ तरीके से लिखा गया है। अगर आप बीकॉम 4 साल का करते हैं तो आपको 1 साल का पीजी कोर्स रहेगा।  वही अगर आप ग्रेजुएशन की डिग्री लेकर  बीच में ग्रेजुएशन को छोड़ते हैं तो आपको 2 साल का पोस्ट ग्रेजुएशन करना पड़ेगा। 

क्या छात्रों के लिए फायदेमंद है नई शिक्षा नीति 

छात्रों का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह था कि क्या यह नई शिक्षा नीति सही में छात्रों के लिए लाभदायक है। तो उसका उत्तर बड़े ही आसान शब्दों में देने का प्रयास किया गया है। जहां पर छात्र अवं छात्राओं को पहले भी 5 साल अपने कॉलेज सफर को देने होते थे आज भी वही प्रावधान है परंतु सरकार ने एक बड़ा बदलाव किया है जहां पर मल्टीपल का प्राबधान छात्रों को दिया गया है। वही अगर कोई छात्र कॉलेज के साथ पढ़ाई करना चाहता है तो वह कर सकता है वही छात्रों के लिए यह नई शिक्षा नीति छात्रों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है एवं लाभदायक भी है। 

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