सहारा इंडिया ने जारी किया यह नया पत्र, सहारा इंडिया लेटेस्ट न्यूज़ 2022 टुडे

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Subrat Roy Sahara :Sahara India Latest News 2022 today


सहारा इंडिया लेटेस्ट न्यूज़ 2022 टुडे  : सहारा इंडिया में फसे निवेशकों के पैसे पर लगातार कुछ न कुछ नई अटकले सामने आती रहती है वही सहारा निवेशकों का भुगतान कब करेगी यह आज तक किसी को नहीं पता है वही सहारा समूह से नाराज चल रहे फ्रैंचाइज़ी मैनेजर भी सहारा के बिरुद्ध लगातार कार्यबाही से अपनी फ्रैंचाइज़ी छोड़ रहे है। क्योकि बिना भुगतान दिए बगैर नया बिजनिस करना संभव नहीं है। वही सहारा इंडिया भुगतान न देकर सभी निवेशकों को मुर्ख बनाने की नियत से काम कर रही है जो आने वाले समय में असफल होने वाली है। 

सहारा इंडिया का इत्तना बड़ा साम्राज्य 

सहारा समूह का इतना बड़ा साम्राज्य होते हुए भी सहारा समूह ने क्यों आज तक अपनी प्रॉपर्टी नीलाम नहीं की। क्यों सहारा समूह एम्बे वैली सिटी से आज भी पैसा कमा रहा है। निवेशकों से पैसा लेकर निवेशकों के पैसा पर सहारा श्री सुब्रत रॉय समेत, स्वप्ना रॉय, पैराबैंकिंग अधिकारी ओपी श्रीवास्तव समेत सहारा के रीजनल मेजर, जोनल मैनेजर आदि लोग उस पैसा का फायदा उठाकर खुद का घर तो चला रहे है लेकिन एजेंट और निवेशक का घर जैसे लगभग सहारा समूह ने देश में अपने ब्यबसाय के जरिये कही ख़त्म कर दिया है। जहा एक तरफ सहारा  एजेंट खुले रूप से बाजार में जाने से भी कतराता है की जिस निवेशक का पैसा उसने सहारा समूह  में जमा कराया था। वह उसे बाजार में न टकरा जाए और यह चोर बुद्धि वाले सहारा समूह उस गरीब निवेशक और कार्यकर्ता के पेट पर लत मार कर खुद का आलिशान जीवन ब्यतीत कर रहे है।

 6 लाख रूपये महीने कमाते है डायरेक्टर 

सहारा इंडिया ज्यादातर फंड के लिए रोता हुआ दिखाई देता है। जब कोई निवेशक सहारा इंडिया के ऑफिस में चक्कर लगाते हुए अपने भुगतान की मांग करता है तो  सहारा समूह उन्हें यह कहकर बंद कर देता है कि हमारा पैसा सेबी ने ले रखा है वही हमारे पास फंड की व्यवस्था नहीं है इसके साथ ही निवेशकों को यह बताया जाता है कि अगर कोई भी प्रॉपर्टी सहारा समूह द्वारा बेची जाती है तो उसका पैसा सीधे सहारा सेबी खाते में जाता है। सहारा समूह के पास अपने डायरेक्टर को देने के लिए ₹600000 कहां से आते हैं क्या सरकार उनको फंडिंग करती है या फिर कुछ इलीगल तरीके से पैसे का उपयोग किया जाता है वही सहारा इंडिया के रीजनल मैनेजर को मिलने वाली इनकम एवं सभी जूनियर प्रोग्रामर समेत अन्य स्टाफ को मिलने वाली पगार कहां से आती है। यह सहारा समूह की वित्तीय धोखाधड़ी एवं आसुनिश्चित मानसिकता को दर्शाती है। 

फ्रेंचाइजी से चल रहा था कारोबार 

सहारा समूह को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ा है यह सभी लोग बात मानते हैं। वही सहारा समूह को 2012 से लगातार तगड़े झटके लगे परंतु फ्रेंचाइजी ने सहारा समूह के बिजनेस को एक बहुत अच्छी ग्रोथ दी है। सहारा समूह अब इस चीज को भूल चुका है। एक तरफ एजेंटों को तो सहारा से अलग कर ही दिया गया है दूसरी तरफ फ्रेंचाइजी मैनेजर एवं फ्रेंचाइजी कार्यालयों को सहारा लगातार अपने से अलग कर रहा है। जानकारी के मुताबिक सभी फ्रेंचाइजी मैनेजर सहाराश्री सुब्रत रॉय सहारा से मिलने के लिए लखनऊ पहुंचने वाले थे परंतु सहारा ने उनको यह कहकर रोक दिया है कि अगर आप सहारा श्री सुब्रत रॉय से मिलेंगे तो आपके ऊपर कंपनी द्वारा विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी वही आप सहारा समूह से नहीं मिल सकते हैं। इस पत्र के माध्यम से फ्रेंचाइजी मैनेजर ओं की बेइज्जती की गई है जो कि बिल्कुल भी असहनीय नहीं है। 


चमचो के साथ होती है मीटिंग 

सहारा इंडिया की वित्तीय धोखाधड़ी से आज हर कोई वाकिफ है। आज सभी को पता है कि सहारा इंडिया में पैसा जमा करना बिल्कुल भी सेफ नहीं है वही आज भी जो एजेंट सहारा इंडिया में लोगों का पैसा फसा रहे हैं। वह आज इस चीज को नहीं जानते हैं या देखना नहीं चाहते हैं। वह एजेंट आज भी यह भी नहीं समझ पा रहे हैं कि भविष्य में कार्रवाई उनके विरुद्ध ही की जाएगी। कंपनी का कुछ भी नहीं कहा जा सकता है कि कंपनी आने वाले सालों में देश में बनी रहती है या फिर भाग जाती है, या फिर अपने आप को दिवालिया घोषित कर सकती है। क्योंकि सहारा एक बहुत बड़ी मानसिकता के साथ चलती है जो कि सहारा समूह में ज्यादातर लीगल टीम एवं अन्य स्टाफ सिर्फ और सिर्फ बरगलाने की हरकतें करता है। जहां पर मीटिंग में सभी चमचे और अंध भक्तों को बुलाया जाता है वही जब बात पीड़ित एजेंट और निवेशक से बात करने की जाती है तो सहारा समूह अपने आप को बहुत पीछे खींच लेता है। 


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