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सोमवार 19 2022

shradh puja 2022 : जिन पितरों के श्राद्ध की तिथि ना पता, तो इस तारीख को कर सकेंगे उनका श्राद्ध


डेस्क रिपोर्ट, ग्वालियर : पितृपक्ष के अंतिम दिन यानी कि 25 सितंबर को पितृ मोक्ष अमावस्या रहती है। जानकारी के अनुसार यही दिन होता है जब पितरों को विदाई दी जाती है। जानकारी के मुताबिक अमावस्या को खासकर उन लोगों को विशेष इंतजार रहता है। जिनको अपने पितरों की गमन तिथि नहीं पता होता है। वही वह आखिरी दिन अपने पितरों की तिथि को मानकर उस दिन श्राद्ध करते हैं। जानकारी के मुताबिक सभी चाहते हैं कि उनके पितृ खुश होकर रवाना हो और उनसे नियमित वह अनुष्ठान कर रहे हैं वह भी मंगलकारी हो। 

कर्म करने से मिलता है आशीर्वाद

पूर्वजों की आत्मा शांति के लिए श्राद्ध किया जाता है। पंडितों के अनुसार पितरों को नमन करने हेतु श्राद्ध को मनाया जाता है। वही सर्वाधिक कर्मकांड 25 सितंबर को अमाबस्या पर होता है। इस दिन ऐसे लोग भी अपने उन पूर्वजों के श्राद्ध मनाते हैं जिनको अपने पितरों की गमन तिथि नहीं पता होता है। वही मातृ नवमी आज है। वही मातृ नवमी 19 सितंबर को होती है। इसी दिन मृत महिलाओं का श्रद्धा कर्म किया जाता है। 

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