Months format

Show More Text

Load More

Related Posts Widget

Article Navigation

Contact Us Form

सहकारिता मंत्रालय से Sahara India को बड़ी फटकार, सहारा इंडिया लेटेस्ट न्यूज़ 2022 टुडे

 

सहारा इंडिया लेटेस्ट न्यूज़ 2022 टुडे : सहकारिता मंत्रालय से सहारा इंडिया को एक बड़ा झटका मिला है। जानकारी के मुताबिक सहकारिता मंत्रालय में लगातार सहारा इंडिया के खिलाफ परेशानी से जूझ रहे लोगों की कंप्लेंट पहुंच रही थी, जिसके बाद सहकारिता मंत्रालय ने आदेश देते हुए सहारा इंडिया की सोसाइटी समेत अन्य दस्तावेजों की जांच करने के आदेश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक सहारा ने निवेशकों से करोड़ों - करोड़ों रुपए अपनी सोसाइटी के माध्यम से जुटाया है। अब निवेशक पॉलिसी सरेंडर कर अपने पैसा वापस मांग रहे हैं परंतु सहारा ग्रुप की तरफ से भुगतान नहीं दिया जा रहा है। 

सेंट्रल रजिस्टार में लाखों लाख शिकायतें 
सेंट्रल रजिस्टार और दिल्ली हाई कोर्ट जब सामने निकल कर आया जब सहारा इंडिया ने कई साल बाद लोगों को भुगतान टुकड़ों में दिया तो लोग - बागों में यह खबर फैल गई कि कैसे भुगतान हो रहा है. तब यह खबर कर निकल कर आई थी की लोगों ने सेंट्रल रजिस्टार में अपनी कंप्लेंट की थी। सेंट्रल रजिस्टार उस केस को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा था, जिसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने सहारा समूह की क्रेडिट सोसाइटी पर रोक लगाते हुए निवेशकों को भुगतान देने का आदेश सुनाया था। जिसके बाद भुगतान हुआ था, जब यह बात निवेशकों को पता चली तो निवेशको ने भारी-भरकम तरीके से सेंट्रल रजिस्टार में अपनी कंप्लेंट लिखना शुरु कर दी। अब निवेशक जागरुक हो चुका हैं लोगों को उनका भुगतान चाहिए वह सहारा की किसी भी बात को मानना नहीं चाहते हैं वही पैसा लेना और पॉलिसी सरेंडर कर निवेशकों के हाथ में है। सहारा समूह सही तरीके से अपना कर्तव्य नहीं निभा पा रहा है एवं लोगों को उनका भुगतान व्यास सहित नहीं लौटा पा रहा है। 

यह होते हैं सोसाइटी के तौर तरीके 
देश में सोसाइटी का पूर्ण निर्माण देश का भला करने के लिए होता है ना कि देश को ठगने के लिए। सहारा की क्रेडिट सोसाइटी निवेशकों के बलबूते पर शुरू की गई थी जहां पर निवेश निवेशकों द्वारा किया जा रहा था। निवेशक उन क्रेडिट सोसायटीओं के लिए भगवान समान थे। सहारा समूह की गलती लगातार निवेशकों ने पकड़ ली है और अब क्रेडिट सोसाइटीओ के रूल के अनुसार अगर कोई निवेशक 3 महीने पहले अपनी पॉलिसी सरेंडर करता है तो उसका भुगतान सोसाइटी को करीबन 3 महीने बाद देना ही पड़ेगा परंतु सहारा की सोसाइटी  लगातार पॉलिसी सरेंडर के सर्टिफिकेट तो ले रही है परंतु भुगतान अभी तक नहीं दे रही है और इस कदम पर एक सुनिचित जांच की जानी चाहिए वही कुछ भी गलत होने पर सहारा क्रेडिट सोसाइटी ओके लाइसेंस निरस्त किए जाने चाहिए। 

अमित शाह बोले जल्द होगी कार्रवाई 
सहारा इंडिया समेत अन्य मामले लगातार सहकारिता मंत्रालय के पास पहुंचे हैं सहकारिता मंत्रालय से जवाब में आया है कि अमित शाह के पाचन मामलों को पहुंचाया गया था जिसके बाद अमित शाह ने कार्यवाही के निर्देश सहकारिता मंत्रालय के मंत्रियों को सौंपी हैं वहीं जल्द से जल्द उक्त कार्रवाई देखी जा सकती है कुछ भी गलत पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त एवं अन्य कानूनी प्रक्रिया हो सकती है भाई जल्द से जल्द लोगों को राहत प्रदान की जाएगी। 



No comments:

Lorem ipsum, or lipsum as it is sometimes known, is dummy text used in laying out print, graphic or web designs.