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रविवार 24 2022

नगर निकाय चुनावों के परिणाम आने के बाद बीजेपी ने बरती सतर्कता, अब छत्तीसगढ़ में करेगी नेतृत्व

 


Nagar Nikay Elections : मप्र के निकाय के चुनावों के नतीजों को लेकर अब भाजपा सतर्क होने लगी है। जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ में पार्टी पहले ही नेतृत्व के संकट से जूझ रही है। वही दोनों राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव आने वाले हैं। अगर बात भाजपा की करें तो छत्तीसगढ़ में भाजपा के नेतृत्व में कहीं पर संकट दिखाई दे रहा है तो कहीं पर मौजूदगी दर्ज नहीं करी जा रही है। वहीं दोनों राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में अगस्त माह में चुनावी रणनीति बनाई जानी है। परंतु ऐसी स्थिति देखते हुए भाजपा की सतर्कता बहुत जरूरी है। वही संभावित है कि कुछ संभाभिक व प्रशासनिक बदलाव किए जाने की संभावनाएं भी है। 

साल 2000 से पहले की बात है जब मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ एक ही प्रदेश हुआ करते थे परन्तु कुछ राजनीतिक बजह के कारण , अब दोनों अलग अलग प्रदेश है वही भाजपा ने अभी से ही बिधानसभा चुनाब की तैयारी शुरू कर दी है। तभी तो अजय जामबाल को मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का संगठन मंत्री बनाया गया है। 

मध्य प्रदेश में भाजपा को ग्वालियर चंबल क्षेत्र से ज्यादा मजबूती से तैयारी करनी होगी। क्योंकि चुनावों के दौरान यह साफ रूप से देखा गया कि कहीं पर चिटफंड निवेशक परेशान थे तो कहीं पर और कोई ज्यादा परेशान था वही सरकार लोगो की बातो पर ध्यान नहीं दे रही थी। जिसके कारण भाजपा उस जगह से हार गई वहीं भाजपा को ग्वालियर चंबल से हारने की बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी वहीं भाजपा का यह गुरुर लोगों ने तोड़ दिया। जिसके कारण आज भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। 

गुना ग्वालियर सीट से कभी सांसद रहे उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अब भाजपा में शामिल हो चुके हैं वहीं भाजपा को लगता है कि ग्वालियर चंबल से अब भाजपा की मजबूती बढ़ गई है परंतु ऐसा नहीं है क्योंकि सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद लोग अब सिंधिया से नाराज दिखाई दे रहे हैं। जिसका साफ कारण भी लोगों के सामने हैं। 

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