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मंगलवार 28 2022

Sebi के खिलाफ चिल्लाने पर Sahara India को सेबी ने दिया यह तोहफा , सहारा इंडिया लेटेस्ट न्यूज़ 2022 टुडे

News Source : Image From News Duniya Pvt Ltd


Sahara Sebi Case Latest News 2022 : सहारा इंडिया से आज की बड़ी खबर निकल कर आ रही है जहां पर मार्किट रेगुलेटर सेबी(sahara sebi case) ने सहारा समूह(sahara group) की कंपनियों पर 12 करोड़ का जुर्माना तय किया है। जानकारी के मुताबिक सहारा इंडिया के फर्जीवाड़े से जुड़े यह मामला बताया जा रहा है। जहां पर सेबी ने सहारा समूह की दो कंपनियों को प्रभावी तरीके से चलते हुए बताया है वही 12 का जुर्माना सहारा समूह की कंपनियों पर तय किया गया है।  इस 12 करोड़ के जुर्माने से साफ दिखाई दे रहा है कि सहारा प्रमुख सुब्रत राय की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है जहां पर सेबी अब उच्च कार्रवाई(legal action) करते हुए दिख रही है। 

यह है पूरा मामला 
मार्केट रेगुलेटर सेबी(sebi) ने सहारा इंडिया(sahara india news) की दो कंपनी सहारा कमोडिटी सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड(scscl) और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड(shicl) पर ₹12 करोड़ का जुर्माना लगाया है यह जुर्माना लगाया गया है क्योंकि 2008 और 2009 में वैकल्पिक रूप से परिवर्तन डिवेंचर(transfer debentures) जारी करने में रेगुलेटरी नियमों का उल्लंघन कर सहारा(sahara india) ने इन चारों डिबेंचर को पलटा था वहीं इसकी परमिशन(illegal) नहीं ली गई थी जिसके बाद सेबी ने सहारा प्रमुख(subrata roy) समेत अशोक रॉय ,रवि शंकर दुबे, बंदना भार्गव के खिलाफ 12 करोड का जुर्माना तय किया है। 

सेबी - सेबी चिल्लाने पहुंचे थे कार्यकर्ता 
मार्केट रेगुलेटर सेबी एक सरकारी संस्था है जो मार्केट में अपना रेगुलेटर देखती है वहीं सेबी देश में प्राइवेट कंपनियों के ऊपर अपनी नजर बनाए रखती है।  ऐसे में कोई कंपनी अगर सरकारी नियमों पर भी सवाल खड़े करने लगे तो वह उच्च नहीं है।  जो गलती सहारा इंडिया ने की। जानकारी के मुताबिक सहारा इंडिया ने अपने एजेंटों को सेबी के खिलाफ भड़काते हुए 25000 करोड़ की मांग को लेकर जबलपुर एवं प्रदर्शन किया जिसके बाद सेबी ने बदला लेते हुए सहारा इंडिया पर जुर्माना कायम कर दिया है जो सहारा को बहुत महंगा पड़ गया है। 

सरकारी नियामक को गुमराह किया जा रहा है 
सहारा इंडिया अपने निवेशक को बता रही है कि सेबी ने उनका 25 हजार करोड़  रखा है जो कि सिर्फ और सिर्फ निवेशक को धूमिल करने की गतिविधि की तरह है।  जानकारी के अनुसार सहारा पहले तो एक ऑफिस में अपने 10 अलग-अलग धंदे चलाती थी। जैसे ही कानूनी कार्रवाई ने अपनी जगह बना ली वैसे ही सहारा ने कह दिया कि हमें बाकी कंपनी से मतलब नहीं है। सहारा ने यह तक कह दिया कि सोसायटी हमारी आधीन नहीं आती है। सहारा प्रमुख खुद को बाचाने के कारण निवेशकों को आग में फंसे दंगल में छोड़ने लगे हैं। एक समय परिवार के नाम से सहारा को जन्म देने वाले सुब्रत रॉय, सहारा को बेसहारा करने में लगे हुए अब यह चीज निवेशक ने पकड़ ली जिसके खिलाफ आज निवेशक एक बुलंद और जागरूक नागरिक की तरह अपना पैसा मांग रहा है।  सहारा इंडिया के यह मैनेजर और सुब्रत रॉय सहारा तमाशा देख रहे हैं वहीं सरकार बैठकर पॉपकॉर्न खाने में लगी हुई है ऐसे में गतिविधियां और परेशानियां सहारा के एजेंट - निवेशक पर टूट रही है।  

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