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रविवार 26 2022

Fastag Scam By Scanner : इस स्कैम पर आई सरकार की प्रतिक्रिया, सरकार की तरफ से आये रिएक्शन में क्या बताया गया

 


Fastag Scam By Scanner : अगर आप भी सोशल मीडिया यूज करते हैं तो आपने आए दिन एक वीडियो देखी होगी जिसमें बताया गया था कि कैसे फास्टटैग से पैसे निकाले जाते हैं वहीँ यह वीडियो एक गाड़ी का था। जब गाड़ी एक सिग्नल पर रूकती है तो एक लड़का गाड़ी साफ करने की बात कह कर उसके हाथ में लगी गाड़ी से फास्टटैग को स्कैन कर कर पैसे निकालने की बात करता है वही दूसरा शख्स जब उसको पकड़ने जाता है तो मैं बाहर जाता है। जब इसी चीज को गवर्नमेंट ऑफिशल्स के बाद पहुंचाया गया तो वहाँ से क्या उत्तर आया कि आप देखे इस पोस्ट में। 



ऊपर दी गई वीडियो में अपने साफ तरीके से देखा होगा कि कैसे एक बच्चा हाथ में एप्पल की घड़ी लेकर आता है. वह अपने आप को गरीब बताता है और कहता है कि मैं आपकी गाड़ी का कांच साफ कर दूंगा वही गाड़ी का ड्राइवर उसको मंजूरी दे देता है वही साफ करते समय पहले तो अपने राइट हैंड से कांच साफ करता है फिर उसको बदलकर वह उल्टे हाथ से काम करने लगता है जहां पर उसकी हाथ में बंधी हुई गाड़ी से वह फास्टटैग पर स्कैन करता है। गाड़ी का ड्राइवर उसमें लाल रंग कि लाइट देख लेता है वही जब बच्चे से उस घडी के बारे में पूछा जाता है तो बच्चा भाग जाता है इसके साथ ही वीडियो डालने का सीधा मकसद यह था कि फास्ट्रेक से पैसा निकाला जा सकता है जिस पर सभी न्यूज़ मीडिया ने गवर्नमेंट से इस मुद्दे को लेकर बातचीत की थी जिसके बाद गवर्नमेंट की तरफ से क्या उत्तर आया है आइए आपको बताते हैं। 

सरकार का रिएक्शन 
जब फास्ट कि स्कैनर अलर्ट के बारे में सरकार से पूछा गया तो सरकार ने बताया कि जिस स्केनर से फास्ट को स्कैन किया जाता है वह एक अलग ही स्केनर रहता है वहीं उसी स्कैनर के माध्यम से पैसा निकाला जा सकता है।  इस वीडियो में कुछ भी साफ नहीं है और यह वीडियो एक मायाजाल पर लाने के लिए डाला गया है। यह वीडियो काफी लोगों को भ्रमित कर सकता है परंतु डरने की कोई बात नहीं है यह वीडियो टोटली फेक है कोई भी स्केनर फास्ट्रेक से पैसा नहीं निकाल सकता है वहीं गवर्नमेंट एक अलग स्केनर का उपयोग करती है जिसके माध्यम से टोल टैक्स पर लगे हुए स्केनर से पैसा का ट्रांजैक्शन किया जाता है। 

लूट के चक्कर में आया फास्टटैग  
सरकार की तरफ से अपने उत्तर से बता दिया गया था कि यह वीडियो पूरी तरीके से एक फेक वीडियो थी वहीं गवर्नमेंट ऑफिशल्स की तरफ से उत्तर में बताया गया कि फास्ट्रेग भारत में इसलिए लॉन्च किया गया क्योंकि आए दिन टोल टैक्स पर लूट की वारदात सामने आ रही थी जिसके कारण सरकार को भी घाटा सहना पड़ रहा था वही पूरी सोच समझ और टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए फास्टैग का उपयोग किया गया है वह कोई भी ऐसा ऐरा-गैरा स्कैनर फास्टैग से पैसे निकालने जाने की बात बिल्कुल गलत है। 

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