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शनिवार 26 2022

Sahara Group Vs Delhi HC : दिल्ली हाईकोर्ट के कड़क रुख के बाद CRC में दे दना भेज रहे अपनी शिकायत

 



डेस्क रिपोर्ट, नई दिल्ली : सहारा इंडिया परिवार(Sahara India Pariwar) से जुड़ा हुआ मुद्दा लगातार अब सभी जगह छाया हुआ रहता है वहीं अगर अभी की बात करें तो सहारा इंडिया परिवार का मुद्दा लगातार बड़ा होने लगा है जहां पर निवेशकों का यह सीधा आरोप है कि सहारा इंडिया परिवार और उससे जुड़ी हुई सोसाइटी(Sahara India Limited) यहां निवेशकों का भुगतान नहीं कर रही है वहीं इस बात पर कड़ा रुख अपनाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट(Delhi Highcourt) ने भी सहारा इंडिया(Sahara Group) पर कड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्ण निवेश पर रोक लगा दी है वही सहारा  इंडिया को सचेत कर दिया है कि वह नया निवेश नहीं ले ।

जानकारी के अनुसार सहारा इंडिया पर दिल्ली हाईकोर्ट के लगाए हुए रोक  के बाद में सहारा इंडिया का लगातार काम ठप बना हुआ है जिसके कारण अब सहारा इंडिया सुप्रीम कोर्ट से स्टे लाने की फिराक में है वही जब "आच जब  सहारा पर आई तो वह सुप्रीम कोर्ट की तरफ जाने लगा परंतु अभी तक सेबी के खिलाफ में सुप्रीम कोर्ट नहीं पहुंचा है" जिससे यह साफ हो जाता है कि सहारा इंडिया गलत है और सहारा इंडिया से जुड़ी सभी नीतियों में झोल था तभी तो सहारा इंडिया दिल्ली हाई कोर्ट के रुख से डरा हुआ है ।


लगातार की CRC में कंप्लेंट कर रहे सहारा इंडिया के निवेशक

जानकारी के मुताबिक दिल्ली हाईकोर्ट के तरफ से जो सुनवाई की गई थी वह सीआरसी में आई कंप्लेंट पर आधारित थी जिसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने अपना आदेश सुनाते हुए सहारा इंडिया को पुनः निवेश लेने से रोक दिया था और जैसे ही यह बात निवेशकों को पता लगे निवेशकों ने दे दना दन सी आर सी में कंप्लेंट करना शुरू कर दी जिसके बाद सेंट्रल रजिस्टार के पास में लगातार कंप्लेंट आने लगी है वहीं अगर सेंट्रल रजिस्टार इन कंप्लेंट को अपनी पहली कंप्लेंट के साथ में जोड़ देता है और हाईकोर्ट अगर निवेशकों के हित में फैसला दे देता है तो सभी निवेशकों को उनका पैसा मिलने की उम्मीद जाग जाएगी ।

क्या सहारा इंडिया परिवार नहीं देना चाहती है

निवेशकों की तरफ से लगातार सवाल पूछे जाते हैं कि कब तक सहारा इंडिया परिवार उनका भुगतान देने वाला है तो उसका जवाब अभी तक किसी के पास में नहीं है चाहे भले वह कंपनी के चेयरमैन सुब्रत रॉय हो या फिर कंपनी का कोई भी बड़ा डायरेक्टर वही सहारा इंडिया के इन कारनामों से यह सिद्ध हो जाता है कि सहारा इंडिया अभी निवेशकों का भुगतान देना नहीं चाहती है वही सहारा इंडिया भुगतान के मुद्दे पर देरी करना चाहती है .

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