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मंगलवार 15 2022

गोवा पहुंचे पीएम ने नेहरू और ममता को नामित किया | PM Modi In Goa



Desk Report ,Goa :- राज्य के शीर्ष नेता नरेंद्र मोदी गुरुवार को गोवा के राजनीतिक फैसले की लड़ाई में मुख्य बैठक में शामिल हुए. पीएम ने कांग्रेस की आड़ में पंडित जवाहरलाल नेहरू को नामित किया। इसके साथ ही मोदी ने ममता बनर्जी पर भी कार्रवाई की।

पीएम ने कहा कि कई लोगों को इस बात का भी ख्याल नहीं है कि भारत की स्वायत्तता के डेढ़ साल बाद भी गोवा आजाद हुआ। भारत के पास सेना थी, हमारे पास एक सेना थी, हमारे पास एक ठोस नौसैनिक बल था, जो काम एक दो घंटे में हो सकता था, वह कांग्रेस ने काफी समय तक नहीं किया।



गोवा के लोगों ने अपनी आजादी के लिए लड़ाई जारी रखी, सत्याग्रहियों ने प्रोजेक्टाइल लेना जारी रखा, आक्रोश सहते रहे फिर भी कांग्रेस सरकार ने उनकी मदद नहीं की। नेहरू ने लाल किले को बता दिया था कि वह गोवा की आजादी के लिए संघर्ष कर रहे सत्याग्रहियों की मदद के लिए सेना नहीं भेजेंगे।



कुछ सभाएं गोवा को एक राजनीतिक मंच के रूप में सोच रही हैं

गोवा के लोग आजकल कुछ नए चेहरों को देखकर चकित हैं। वह देख रहा है कि कुछ वैचारिक समूह गोवा को अपनी और राजनीतिक आकांक्षाओं के मंच के रूप में सोच रहे हैं। इस तरह की सभाओं में गोवा के लोगों की राय के बारे में अस्पष्ट विचार नहीं होते हैं।



गोवा को कमजोर करने के लिए कांग्रेस को दोषी ठहराया

कांग्रेस हमेशा से गोवा को तुच्छता की ओर धकेलती रही है। उस वक्त जब कांग्रेस को यहां राज्य संचालित प्रशासन को कमजोर करना पड़ा था। उस दिशा में आज एक तरफ रचनात्मक भाजपा और दूसरी तरफ अस्थिर कांग्रेस है। आज एक ओर प्रमोद सावंत जैसे युवा और निष्पक्ष पथप्रदर्शक हैं और दूसरी ओर ऐसे चेहरे हैं जिनकी मलिनता का पुराना इतिहास गोवा की प्रत्येक संतान को पता है। तो गोवा का फैसला असाधारण रूप से स्पष्ट है - गोवा भाजपा के साथ है।



मनोहर पर्रिकर को भी याद किया

पीएम ने गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को भी याद किया। उन्होंने कहा- मैं जब भी गोवा आता हूं तो अपने साथी मनोहर पर्रिकर जी को याद करता हूं। आप गोवावासियों ने शायद उनकी गैर-मौजूदगी को बहुत अधिक महसूस किया। मैं भाजपा के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय फ्रांसिस डिसूजा जी को भी याद करना चाहता हूं।

प्रमोद सावंत के युवा अधिकार के तहत गोवा के शानदार भाग्य के लिए सुधार की यह यात्रा इसी तरह आगे बढ़ेगी। फिर भी 14 फरवरी को, गोवा का प्रत्येक नागरिक कमल खिलने के लिए भारी संख्या में मतदान करेगा। 

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