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शनिवार 19 2022

MP-PMT घोटाले पर अब तक नहीं हो पाई है कुछ भी कार्रवाई यह रहा मामला




 डेस्क रिपोर्ट ,मध्य प्रदेश :- मध्यप्रदेश में पीएमटी(MP-PMT 2013 )के घोटाले के मामले में अभी तक कुछ भी कार्रवाई सामने नहीं आई है आज तकरीबन 6 महीने पहले सीबीआई ने पहले प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखा लेकिन उसके बाद भी कोई कार्यवाही अभी तक नहीं देखी गई है वहीं सीबीआई ने अपने पत्र में एडमिशन एंड फी रेगुलेटरी कमेटी के तत्कालीन अध्यक्ष  सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा था बता दे कि एमपी पीएमटी 2013 की काउंसलिंग के दौरान चल रहे हैं मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन मैं गड़बड़ देखी गई थी जिसके बाद विश्वविद्यालय को इन छात्रों की परीक्षा कराने और रिजल्ट घोषित करने के लिए कहा गया था वहीं सीबीआई जांच कमेटी ने भी संचालन में बहुत सी खामियां पाई थी। 


जानकारी के अनुसार CBI  के चीफ सेक्रेटरी को एक सेल्फ कंटेंड नोट भी भेजा गया था जिसमें एएफआरसी के तत्कालीन चेयरमैन ऑफ महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी (छतरपुर) के कुलपति प्रोफेसर TR  थापक सहित आने समिति मैं नाम शामिल है सीबीआई के लेटर के बाद में प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी थी AFRC  से नोडल अधिकारी डिपार्टमेंट तकनीकी शिक्षा विभाग ने जानकारी मांगी थी। 

DME  ने कमेटी को नहीं देती सही जानकारी


सीबीआई ने जांच में पाया कि 2019 से 2012 तक के एडमिशन संबंधित जानकारियां Dab संस्था से मांगी गई थी लेकिन बीजेपी के एडमिशन एंड फी रेगुलेटरी का  इंफॉर्मेशन उपलब्ध नहीं करवा सके सीबीआई ने फिर कहा था कि Dme द्वारा एएफआरसी को जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर आप संचय पाया जाता है। 

207 उम्मीदवारों के नोट की गई थी उस पर उनको पहले ,दूसरी और तीसरी और चौथी राम की काउंसलिंग से भी एडमिशन नहीं लिया गया और यह सीट खाली रही इन 207 सीटें खाली रहने की सूचना मेडिकल कॉलेज द्वारा डीएमई को नहीं दी गई थी इसके बाद एडमिशन प्रक्रिया का उल्लंघन कर कॉलेजों ने अपनी पसंद के उम्मीदवारों को एडमिशन देकर अंतिम तारीख में 196 सीटें भरवा दी। 

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