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गुरुवार 17 2022

inductance कोचिंग में निर्देश देने वाले प्रशासक से ठगी, सिपाही बनकर उड़ाए 26 हजार

 

शिवपुरी। नगर के राजेश्वरी रोड पर कार्यरत अधिष्ठापन शिक्षण के प्रबंधक विवेक श्रीवास्तव ने 26 हजार के एक बच्चे को अधिकारी बना कर बंजारा किया। योद्धा के भावों की बात करें तो उसके मुनीम ने फाइटर के रिकॉर्ड की अदला-बदली की। इतना ही नहीं जब एक्सचेंज हुआ तो रिकॉर्ड से 26 हजार निकल गए। फिलहाल बैंक और पुलिस से इस रंगदारी को लेकर शिक्षा विभाग के प्रशासक ने कोहराम मचा दिया है.

निर्देश निदेशक विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि मंगलवार की शाम करीब छह बजे जब वह मुनीम के साथ रिकॉर्ड लेकर जा रहे थे, तभी अचानक उनके मोबाइल पर फोन आया। जिसमें सामने वाले ने अपने व्यक्तित्व को जम्मू-कश्मीर में तैनात योद्धा बताया। सिपाही ने शिक्षक प्रशासक से कहा कि वह आठवीं और नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली लड़कियों को प्रशिक्षण देना चाहता है, उसका खर्चा क्या होगा। आप ही बताओ। सबमिट किया।

इसलिए लड़कियां अप्रैल से ट्रेनिंग के लिए आने लगती हैं। निर्देश देने वाले प्रशासक ने कहा कि मार्च के बाद हम पुष्टि देंगे. दरअसल उस समय आप अपनी सीट पक्की करवा लेते हैं, लेकिन अफसर बने उस बच्चे ने बहाना बनाकर कहा कि लाइन में लगा दिया गया है। शिवपुरी वहां से बाहर नहीं निकल सकता है, इसलिए फिलहाल उसके पास पैसे का गेम प्लान है, वह घूमेगा और अपनी रिकॉर्ड संबंधी जानकारी देगा।

निर्देश निदेशक विवेक श्रीवास्तव ने कहा कि जब उन्होंने वेब आधारित रिकॉर्ड संख्या के बारे में जानकारी दी। इसी तरह मोबाइल पर 1 की किस्त आ गई। सिपाहियों ने फिर से निर्देश देने वाले प्रशासक को बुलाते हुए कहा कि मैंने आपके रिकॉर्ड में 1 रखा है, यह भारत सरकार का पैसा है। यदि यह बहुत अधिक परेशानी नहीं है, तो इसे वापस कर दें ताकि मैं पुष्टि कर सकूं कि यह आपका रिकॉर्ड है।

सेना के भावों की बात करें तो रिकॉर्ड 1 रिकॉर्ड से हट गया था। जिसके बाद अप्रत्याशित रूप से प्रशिक्षण प्रशासक के रिकॉर्ड से कितने 26000 रुपये गायब हो गए। जब भी वह उस नंबर पर वापस आया, योद्धा ने उत्सुकता दिखाई और कहा कि मेरे साथ भी ऐसा हुआ है। आप बैंक अधिकारी से बात करें और उन्होंने फोन के जरिए बैंक अधिकारी को जानकारी दी।

जब भी हमने बैंक अधिकारी से बात की, उन्होंने कहा कि आपका कैश वापस किया जा सकता है, गलत एक्सचेंज हुआ है। आपका कैश वापस कर दिया जाएगा। प्रशिक्षण प्रशासक को फिर से उसकी गलतबयानी की भनक लग गई और उसने दोबारा ऑनलाइन राशि नहीं भेजी, लेकिन तब तक उसके खाते से 26000 रुपये निकल चुके थे। फिलहाल शिक्षण प्रबंधक ने इसमें पुलिस व बैंक को पकड़कर पैसे वापस दिलाने की गुहार लगाई है। 

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