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सोमवार 06 2021

बद से बदतर हालात में है महलों में रहने वाले Raymonds ग्रुप के चेयरमैन सिंघानिया वह कहते हैं जीते जी बच्चों को न दे अपनी संपत्ति

 


Blogs Content By Neeraj Kumar Sharma

कभी रेमंड ग्रुप के चेयरमैन कहें जाने वाले शख्स दुनिया पर राज करते थे बिजनेस की दुनिया में उसका अपना एक रुतबा था | सभी उनके आगे सर झुकाते थे | उनकी एक शहादत थी मगर आज यह शख्स पाई पाई को मोहताज है महलों में रहने वाले एक व्यक्ति किराए के मकान में गुजर-बसर कर रह रहा है हम बात कर रहे हैं रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया की विजयपत सिंघानिया कभी बिजनेस की दुनिया के सम्राट थे मगर आज वह दाने-दाने के लिए मोहताज हो रहे हैं उनकी यह हालत किसी और ने नहीं बल्कि उनके बच्चों ने की है ! अपनी एक बुक में उन्होंने खुद इस बात का खुलासा किया है आइए जानते हैं एवं ग्रुप के पूर्व चेयरमैन सिंघानिया की कहानी की दास्तां |


सिंघानिया ने लिखी है अपनी जीवनी

विजयपत सिंघानिया का कहना है कि कभी भी जीते जी अपने बच्चों को संपत्ति बिल्कुल नहीं देनी चाहिए इतना ही नहीं बल्कि सिंघानिया का यह भी कहना है कि दरअसल रेमंड समूह के पूर्व चेयरमैन ने अपनी आत्मकथा "इंक्रिप्ट लाइट" लॉन्च की है जिसमें उन्होंने अपने जीवन से जुड़ी कई सारी बातों का खुलासा किया है विजयपत सिंघानिया ने परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति को लेकर हुई अनुमान के लिए भी उसके काम में बताया है और उन्होंने यह भी कहा है कि अपने बचपन के दिनों से जुड़ी हुई बातें भी मैंने उस बुक में शेयर की है

जीते जी बच्चों को कभी भी ना दें संपत्ति

सिंघानिया जी अपना अनुभव शेयर करते हुए कहते हैं कि अनुभव से " मैंने सबसे बड़ा सबक सीखा है वह है कि अपने जी जीते जी अपने बच्चों के नाम कभी भी अपनी संपत्ति नहीं करनी चाहिए" यह आप एक सावधानी बरते हैं आपकी संपत्ति और आपके बच्चों को मिल जाती है तो वह आपको ही घर से बाहर कर देते हैं                    - सिंघानिया जी के अनुसार


मैं अपने ऑफिस में भी नहीं पूछ सकता हूं अब

सिंघानिया जी ने खुलासा किया जिसमें उन्होंने बताया है कि मुझे मेरे कार्यालय जाने से रोक दिया जाता है महत्वपूर्ण दस्तावेज पड़े हुए हैं और अन्य सामान जो कि मेरा है इतना ही नहीं बल्कि मुंबई और लंदन में मुझे अपनी ख़ास छोड़नी पड़ी और मैं सच्चे से भी संपर्क नहीं कर सकता है ऐसा लगता है कि रेमंड के कर्मचारी को कड़े आदेश दिए गए हैं कि वह मुझसे बात ना करें और ना ही मुझसे मिलने आए

12 हजार करोड़ की कंपनी के मालिक थे विजयपत सिंघानिया

आप की जानकारी हेतु बताया जाए तो देश के सबसे बड़े उद्योगपति में एक समय पर चप्पल सिंघानिया का नाम शुमार था पर उनके कुछ ऐसे हालात हो गए हैं जिससे वह पल पल के रुपए के लिए मोहताज बने हुए हैं


अब किराए के मकान में रह रहे हैं विजयपत सिंघानिया

एक समय था जब सिंघानिया जी का बोलबाला था और वह मुकेश अंबानी के एंटीलिया आलीशान घर हमसे भी ज्यादा ऊंचा मकान जेके हाउस में रहा करते थे लेकिन अब विजयपत सिंघानिया से उसके बेटे ने गाड़ी और ड्राइवर तक छीन लिया है एक रिपोर्ट की मानें तो इन दोनों विजयपत सिंघानिया दक्षिण मुंबई में किराए के कमरे में रह रहे हैं और अपना गुजारा कर रहा है

बेटे को दे दी थी संपत्ति और अब हो गए बेहाल

खबर की बात करें तो साल 2015 में विजयपत् सिंघानिया ने अपनी कंपनी के सारे share अपने बेटे गौतम सिंघानिया को दे दिया थी लेकिन बेटे के नाम संपत्ति होते हि जैसे सारी संपत्ति उसने हडप ली उनके पिता आज डर डर की ठोकर खाता फिर रहे हैं बता दे साल  1925 में विजयपत् सिंघानिया ने रेमंड कंपनी की शुरुआत की थी जिसके बाद साल 1958 मैं उन्होंने इसका पहला रिटेल शोरूम मुंबई में खोल दिया था

सिंघानिया जी ने बिजनेस को दी थी नई ऊंचाइयां

इसके बाद शिवानी जी ने अपनी मेहनत और लगन से इस कंपनी को बड़े मुकाम तक पहुंचाया था ना सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों में भी रेबन कंपनी का नाम कर चुके थे और उनके हर जगह शोरूम खुलते जा रहे थे साल 2006 में विजयपत सिंघानिया को भारत सरकार की ओर से पद्मभूषण अवॉर्ड से सम्मानित भी किया जा चुका है



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