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मंगलवार 14 2021

Gwalior News : 4 माह पुरानी युवती के साथ घूम रहा दंपती, शादी के ब्यौरे पर खर्च किए नौ लाख

बाद में मामला मीडिया के सामने आया, फिलहाल अपर कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि वह कनाडाई दूतावास से बात कर समस्या का पूरी ईमानदारी से समाधान करेंगे।



ग्वालियर, प्रियांशु शर्मा हमारे देश का लोक प्राधिकरण, जो अतिथि देवो भव की प्रथा को स्वीकार करता है और उसका पालन करता है, वैसे ही एक तरह के विदेशी स्थानों से आने वाले लोगों को बहुत अच्छा सौदा देता है, लेकिन ग्वालियर में एक मामला सामने आया है, जिसने अब केवल मध्य प्रदेश के ग्वालियर की ही नहीं बल्कि पूरे देश की छवि को प्रभावित किया है। इसी तरह रंगा हुआ है। कनाडा का एक साथी कलेक्ट्रेट के चक्कर लगा रहा है ताकि उसे 1/2 से ऊपर ले जा सके, लेकिन कलेक्ट्रेट के बाबू उसकी आँखों में आँसू के साथ और 4 महीने की प्राचीन शिशु छोटी महिला के साथ उसके व्यापक रूप से अलग हैं। उसकी भुजाएं। भटकती हुई महिला ने शादी का वसीयतनामा लेने के लिए नौ लाख रुपये खर्च कर दिए, लेकिन अब उसके पास बयान लेने का विकल्प नहीं है।


कनाडा में रहने वाली अनुप्रीत बराड़ अपनी आम को कनाडा ले जाने के बोझ से दबे हैं और कलेक्ट्रेट के चक्कर लगा रही हैं. उनका कहना है कि कलेक्ट्रेट के बाबू उन्हें एक साल से यहां-वहां भड़का रहे हैं, कुछ रिकॉर्ड मांग रहे हैं, फिर सिक्के मांग रहे हैं, जब भी कोई कमजोरी निकालता है। वह तीन बार ग्वालियर आ चुकी है कि शादी में जब वह कलेक्ट्रेट में आती है तो अफसर बदल जाते हैं, बाबू लोग नई गाइडलाइन बताने लगते हैं।


कनाडा की रहने वाली अनुप्रीत बराड़ ने कहा कि उसके पास भारतीय नागरिकता नहीं होगी, इसलिए वह वीजा देना चाहती है, अब तक नौ लाख रुपये शादी के प्रमाणीकरण के लिए जल चुकी है, इधर आओ, बाबू शामिल नहीं होगा, तुम कह रहे हो यदि आप विदेश में रहते हैं, तो आपके पास बदलाव की बड़ी संभावना है। यहां के बाबू नीरज शर्मा कनाडा के दूतावास द्वारा दिए गए संगठन को बर्दाश्त नहीं कर रहे हैं, अर्जेंटीना के विन्यास को प्रदर्शित कर रहे हैं और इसे इस तरह से वितरित कर रहे हैं। जब मीडिया ने उस एकमात्र से बात की, जो छोटी महिला के साथ घूमने लगा, तो वह रोने लगी। उसने कहा कि वह एक साल के लिए आस-पास जली हुई थी। यहां के बाबू शादी का सत्यापन नहीं करा रहे हैं। मुझे इस बात का दुख है कि मैं कनाडा से वीजा के साथ शादी का समर्थन पाने के लिए बार-बार वापस लौटना चाहता हूं। परेशान अनुप्रीत बराड़ ने बताया कि 7 नवंबर, 2020 को उसकी शादी गोहद क्षेत्र भिंड के रहने वाले नवजोत सिंह रंधावा से हुई है।



शादी ग्वालियर के गढ़ में स्थित दाता बंदी छोड़ गुरुद्वारा में संपन्न हुई। उसके बाद से लेकर अब तक वह मैरिज ऑथेंटिकेशन के काम में लगी हुई है। इसके बिना वह अपने 1/2 से अधिक को कनाडा नहीं ले जा सकती। ग्वालियर कलेक्ट्रेट के बाबू जब भी उनसे नए दस्तावेज मांगते तो उन्होंने सिक्के बंद करने का समय भी पूछा। उसके पास चार महीने की एक छोटी बच्ची है, उसके आगमन पर सेक्टर प्रमाणीकरण, पिताजी के कॉल में मेरे उच्च 1/2 कॉल शामिल हैं, लेकिन वे इस पर विचार नहीं करते हैं।

 यद्यपि संबंधित बाबू नीरज शर्मा का कहना है कि एक अप्रत्याशित विवाह हो सकता है, यह मानते हुए कि उनकी जानकारी पूरी हो सकती है तो शादी का समर्थन दिया जा सकता है। फिर बाद में मामला मीडिया के सामने आया अपर कलेक्टर एचबी शर्मा ने इस बात का संज्ञान लिया है, उनका कहना है कि कनाडा के दूतावास से महिला का निदान एनओसी मांगा गया है, अब उसके नहीं आने से शादी हमेशा नामांकित नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह दिन के अंत में निश्चित रूप से कनाडा उच्चायोग का सामना करेंगे और जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।


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