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रविवार 26 2021

सहारा इंडिया परिवार के एम्बार्गो का बहुत बड़ा राज

 सुप्रीम कोर्ट ने सभी "कंपनियों के सहारा समूह" पर प्रतिबंध के आदेश को पूरी तरह से/पूरी तरह से वापस ले लिया, जैसा कि नीचे बताया गया है (पूर्ण विवरण के साथ):


न्यूज़ :- नीरज  कुमार शर्मा 

डेस्क रिपोर्ट ,नई दिल्ली :- सहारा इंडिया परिवार जो की एक समय अपने आप को देश का दूसरा सबसे बड़ा परिवार कहता था वो अब अपने निवेशकों और एजेंटो को बरगलाने लगा है और जब भी निवेशक या गैंट अपने भुगतान की बात करते है तोह सहारा इंडिया उनको  हबाला देकर चुप करबा देती है। 

आज इस पोस्ट के माध्यम से आपको यह पता चल जायेगा की क्या बास्तबिक में आपका भुगतान इस एम्बार्गो के चक्कर में रुका है की सहारा आपको बेबकुफ़ बना रहा है। 

आखिर एम्बार्गो क्या होता है ?

अगर हम प्रतिबंध के बारे में बात करते हैं तो इसे सीधे तौर पर किसी विशेष कंपनी पर प्रतिबंध या लागू करने के रूप में संदर्भित किया जाता है, जिसके तहत कोई कंपनी वित्तीय गतिविधियों जैसे शेयरों, अपनी संपत्तियों को बेचने या किसी अन्य पर किसी भी मामले को विनियमित या इंटरचेंज नहीं कर सकती है।

एम्बार्गो को सीधे तौर पर किसी कंपनी पर उसकी वित्तीय गतिविधियों के लिए पूर्ण विराम प्रतिबंध के रूप में संदर्भित किया जाता है। 

क्या एम्बार्गो के हटने से  सहारा इंडिया भुगतान कर देगी ?

हाँ अगर प्रतिबंध हटा दिया जाता है तो कोई कंपनी अपनी कोई भी वित्तीय गतिविधि कर सकती है लेकिन अगर हम सहारा इंडिया के बारे में बात करते हैं तो सर्वोच्च न्यायालय ने पहले ही सहारा इंडिया परिवार से प्रतिबंध वापस ले लिया है और अब सहारा इंडिया परिवार अपने निवेशकों के पैसे वापस करने के लिए स्वतंत्र है लेकिन वे अंतिम निवेशकों को पैसा वापस नहीं देना चाहते हैं।

News4k india साथ में सहारा  Niveshak Morcha Youtube चैनल हमेशा फुल प्रूफ के साथ बात करता है इसलिए आज भी हम आपको सुप्रीम कोर्ट द्वारा वापस लिए गए एम्बार्गो का सबसे बड़ा सबूत दिखाने जा रहे हैं। 

सुप्रीम कोर्ट ने सभी "कंपनियों के सहारा समूह" पर प्रतिबंध के आदेश को पूरी तरह से/पूरी तरह से वापस ले लिया, जैसा कि नीचे बताया गया है (पूर्ण विवरण के साथ):

नई दिल्ली,

• जून 05, 2014,

• अपडेट किया गया जून 05, 2014, 12:53 PM IST

सहारा समूह ने अपनी चल और अचल संपत्तियों पर लगी रोक हटाने के लिए उच्चतम न्यायालय को धन्यवाद दिया है ताकि वह बकाया के आंशिक भुगतान के लिए 10,000 करोड़ रुपये जुटा सके।


सहारा के वकील सुदीप सेठ ने समूह की ओर से एक बयान में कहा, "हम बहुत आभारी हैं कि हमें बैंक खातों और कुछ चुनिंदा संपत्तियों की मंजूरी मिली।" इंडिया।


सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस टी.एस. ठाकुर और न्यायमूर्ति ए.के. सीकरी ने यह भी निर्देश दिया कि इस तरह से उत्पन्न धन को एक खाते में जमा करना होगा।

 






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