Breaking

शुक्रवार 24 2021

मप्र : शिक्षकों से मारपीट पर रोक, लोक निर्देश आयुक्त ने दिए आदेश

इतना ही नहीं, लोक निर्देश आयुक्त ने इसमें 28 दिसंबर तक जरूरी रिपोर्ट कार्यालय को भेजने का निर्देश दिया है।

 भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (मप्र) लोक शिक्षण निदेशालय द्वारा शिक्षकों के विरोध प्रदर्शन से पहले एक अहम फैसला लिया गया है। वहीं, शिक्षकों के प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। आपको बता दें कि वार्षिकी के हित में 25 दिसंबर को राजधानी भोपाल में शिक्षकों द्वारा धरना प्रदर्शन आदि की व्यवस्था की गयी थी.

जिस पर अब आयुक्त लोक शिक्षण द्वारा अनुरोध किया गया है। साथ ही इस प्रदर्शन को रोकने के आदेश दिए गए हैं। दिए गए अनुरोध में कहा गया है कि राजधानी भोपाल सहित अन्य स्थानों पर 25 दिसंबर से शिक्षकों की हड़ताल की योजना बनाई जा रही है. नए ढांचे के प्रशिक्षकों द्वारा ऐसे दौर में प्रदर्शन समाप्त किया जा रहा है। जहां कोरोना के कारण एक टन सांद्र का नुकसान हुआ है।

इसके अलावा टेस्ट भी करीब हैं। जिस पर मामले की गंभीरता को समझते हुए दिए गए अनुरोध में अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि क्षेत्र के अंतर्गत इन प्रशिक्षकों और शिक्षक संघों का आयोजन किया जा रहा है, उनके अनुरोध के संबंध में शो आदि ऐसे एपिसोड की वीडियोग्राफी की जा रही है. समाप्त किया जाना चाहिए। प्रदर्शन में लगे शिक्षकों को वीडियोग्राफी के जरिए धीरे-धीरे पहचाना जाना चाहिए। बाद में उनके खिलाफ कौन सा कठोर अनुशासनात्मक कदम उठाया जाए।

 इतना ही नहीं, लोक निर्देश आयुक्त ने इसमें 28 दिसंबर तक महत्वपूर्ण रिपोर्ट कार्यालय को भिजवाने के निर्देश दिए हैं। ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश में 25 दिसंबर को राजधानी भोपाल में करीब 50 हजार शिक्षक जमा होंगे. 6 दिन तक शिक्षक राजधानी भोपाल में कैंप करेंगे। इस दौरान कई वास्तविक भाषा ढांचे को लोक प्राधिकरण के समक्ष रखने से अलग पुराने लाभों के सुधार के लिए प्रशिक्षकों का अनुरोध किया जाएगा।

साथ ही शिक्षक भी उन्नति पर अपनी रुचि बढ़ाएंगे। एक दृष्टिकोण से कोरोना के बढ़ते प्रकरण को देखते हुए मध्य प्रदेश में सीमाएं लांघी जा रही हैं। फिर से, राज्य सरकार ने शिक्षकों द्वारा विरोध प्रदर्शन की व्यवस्था की जाँच करने के लिए एक बड़ा विकल्प चुना है।

कोई टिप्पणी नहीं:

सहारा इंडिया की घोटाले पर एडवोकेट अजय टंडन के साथ LIVE | sahara india news |

लोकप्रिय पोस्ट