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रविवार 19 2021

आंगनबाडी केन्द्रों के कार्यालयों को लेकर जनता हुई गंभीर, मुखिया ने दी जांच के लिए दिशा निर्देश


एमपी न्यूज, प्रियांशु शर्मा : रीवा में 356, विदिशा में 325 आंगनबाड़ी केंद्र पट्टे के मकानों में चल रहे हैं. भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। आंगनबाडी दि मध्य प्रदेश (म.प्र.) के फोकस में अत्यधिक वृद्धि को देखते हुए महिला बाल विकास निदेशक द्वारा दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सच कहूं तो प्रदेश के आंगनबाडी केंद्रों में कार्यालयों में लगातार विषमता है.

जिस पर अब महिला एवं बाल विकास निदेशक ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। आपको बता दें कि प्रदेश के हर आंगनबाडी केंद्र में 90 दिनों में पढ़ाई होती है. जिसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी जाती है। यह रिपोर्ट आंगनवाड़ी केंद्रों में डेटा डेस्क पर डेटा रिकॉर्ड करती है। ऐसा ही एक डेटा नई स्टडी की रिपोर्ट में सामने आया है। इसमें गम्भीर गठजोड़ है। जैसा कि रिपोर्ट से संकेत मिलता है, वर्तमान में लागू 485 फोकल आंगनबाडी का इलाज स्थानीय अलीराजपुर में पट्टे पर दी गई सुविधाओं में किया जा रहा है।

जबकि रीवा में 356, विदिशा में 325 आंगनबाडी केन्द्र पट्टे पर चल रहे हैं। पिछले काफी समय से लोक प्राधिकरण लगातार निर्देश दे रहा है कि आंगनबाडी केन्द्रों को पास के सरकारी ढांचों में स्थानांतरित किया जाए। बावजूद इसके इस तरह की लापरवाही लोक प्राधिकरण के निर्देश पर सवाल खड़े कर रही है.

बाद में इसे वर्तमान में मामले को गंभीरता से देखते हुए संभागीय संयुक्त निदेशक, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित संभागीय संयुक्त निदेशक एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी को आंगनबाडी केंद्र व उसकी उपयोग संपत्ति के आंकड़ों का सर्वेक्षण करने को कहा गया है. साथ ही प्रदेश में कई ऐसे आंगनबाडी केन्द्र हैं जहां शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है।

रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के ढांचों में 205 आंगनबाडी केन्द्रों पर कार्य किया जा रहा है। जिसमें बड़वानी क्षेत्र में सर्वाधिक संख्या में कच्चे मकानों को सूचीबद्ध किया गया है। जिसे बाद में प्रशासक ने संभागीय संयुक्त निदेशक सहित जिला कार्यक्रम अधिकारी से आंगनबाडी केन्द्रों का सर्वे कर बाद में उनके सुलभ मौलिक कार्यालयों एवं संपत्तियों का निश्चित ऑडिट रिपोर्ट पेश करने को कहा है.

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